
Speech Therapy in Ludhiana

What are fluency disorders? प्रवाह संबंधी विकार क्या हैं? Fluency disorders बोलने की प्रवाह को प्रभावित करता है(fluency disorders) को हम (speech disorders) भी कहते हैं ऐसा speech disorder जो बोलने की flow और smoothness को प्रभावित करती है जिसमें पता होता है कि क्या बोलना है लेकिन बोलते समय रुकावट आ जाती है। Fluency disorders के लक्षण:- आवाज syllable या शब्दों की बार-बार repetition किसी भी शब्द को खींचकर बोलना (जैसे आ आ आम) बोलते समय आवाज ना निकल पाना है(block आना) जरूरत से ज्यादा pause या hesitation होना बोलते समय तनाव या struggle दिखना। Fluency disorder types: - 1.Stammering/stuttering (हकलाना) 1. हकलाना( stuttering/stammering) मैं बोलने की fluency (smooth) पर आगे बढ़ने वाला है स्पीच फ्लो में रुकावट आती है इसमें बोलते समय बहुत अन्य समस्याएं भी देख दिखाई देती है आवाज एक ही शब्द को बार-बार र दोहराना किसी शब्द को खींचकर बोलना जैसे रा रा राम किसी भी शब्द को बोलते समय अचानक रुक जाना लोगों के सामने बोलने से घबरा जाना कई बार इन रूकावटों की वजह से हमें(secondary behavior) भी देखने को मिलता है Stuttering की शुरुआत कब होती है Stuttering की शुरुआत बचपन में ही शुरू होती है जब बच्चा 4 वर्ष की उम्र से पहले ही दिखने लग जाता है इसकी शुरुआत धीरे-धीरे या फिर अचानक भी होती हैं 2.Cluttering (अव्यवस्थित) 2.Cluttering एक बोलने का विकार(speech disorder) है, जिसमें बच्चों की बोलने की गति बहुत ही तेज होती है और वह अनियमित यानी हमेशा कुछ ना कुछ बोलते ही रहता है जिससे उसके शब्द बोलते समय गड़बड़ हो जाते हैं या syllables छूट जाते हैं, बोलते समय clarity कम होती है, जिसमें समझना मुश्किल हो जाता है जैसे बच्चा राम को नाम बोलता है इसमें बच्चे को खुद ही एहसास नहीं होता कि वह शब्द को साफ-साफ नहीं बोल पा रहा है ।
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